भारत का इतिहास
प्राचीन भारत
इतिहास के स्रोत
✔ प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने के मुख्य तीन स्रोत है - 1. साहित्यिक स्रोत 2. विदेशी यात्रियों के वितरण तथा 3. पुरातात्विक स्रोत
साहित्यिक स्रोत में - धार्मिक साहित्य एवं धर्मेन्तर साहित्य शामिल है। धार्मिक साहित्य के अंतर्गत- वेद, उपनिषद , रामायण, महाभारत , पुराण , स्मृति ग्रंथ , बौध्द तथा जैन ग्रंथों को सम्मिलित किया जाता हैं ।धर्मेत्तर साहित्य मैं इतिहासिक एवं समसामयिक साहित्य जैसे - अर्थशास्त्र . कथासरित्सागर . मुद्राराक्षस आदि सम्मिलित किया जाता है
वेदों के संबंध ब्राह्मण एवं पुरोहित
वेद ब्राह्मण ग्रंथ पुरोहित
ऋग्वेद - कोशिश की और ऐतरेय - होतृ
यजुर्वेद - तेतरिया और शपथ - अध्वर्यु
सामवेद - पंचवीस और जैमिनी - उद् गाता
अथर्ववेद - गोपथ - ब्रह्मा
- मुख्य इतिहासिक ग्रंथों में अर्थशास्त्र (कौटिल्य), राजतरंगिणी (कल्हण) पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई) हर्षचरित (बाणभट्ट) उल्लेखनीय है
- विदेशी यात्रियों एवं लेखको के विवरण से प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी प्राप्त होती है। यूनानी - रोमन (क्लासिकल) लेखकों में टेसियस तथा हेरोडोटस (इतिहास के पिता) का नाम उल्लेखनीय हैं
- सिकंदर के साथ भारत आने वाले विदेशी लेखक - नियार्कस , आनेसिकिटस तथा अरिस्टोबुलेस थे
- अन्य विदेशी लेखकों में मेगस्थनीज प्लूटार्क एवं स्ट्रेबो के नाम से सम्मिलित हैं।
- मेगस्थनीज, सेल्यूकस का राजदूत था, जो चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था । मेगस्थनीज की इंडिका में मौर्य योगिनी समाज एवं संस्कृत का विवरण मिलता है
- हे्नसाँग का वृत्तान्त सी-यू - की नाम से प्रसिध्द है ।
- फाह्यान की रचना फोक्यू की है
- अरबी लेखक अलबरूनी महमूद गजनी के साथ भारत आया था उसकी कृति किताब - उल -हिंद अथवा तहकीक- ए - हिंद (भारत की खोज ) में तत्कालीन भारतीय समाज की दशा वर्णन है।
- पुरातात्विक स्रोत मैं अभिलेख , मुद्रा, मूर्तियां , चित्रकला एवं स्मारक आते हैं । अभिलेख शिलाओं, स्तंभों, ताम्रपात्रों , दीवारों मुद्राओं एवं प्रतिमा आदि पर खुद है।
- पश्चिम एशिया में बोगाज़कोई से प्राप्त सर्वाधिक प्राचीन अभिलेख (1400 ईशा पूर्व) में चार वैदिक देवताओं इंद्र, मित्र, वरुण, नासत्य का उल्लेख मिलता है
- बेसनगर ( विदिशा) से से प्राप्त गरुड़ स्तंभ लेख से भागवत धर्म के प्रसार का वर्णन मिलता है
- अन्य अभिलेखों में हाथीगुफा अभिलेख कलिंग नरेश खारवेल , प्रयाग स्तंभ लेख समुद्रगुप्त, मंदसौर अभिलेख मालवा नरेश यशोधर्मन , जूनागढ़ अभिलेख रुद्रदामन , ऐहोल अभिलेख पुलकेशिन द्वितीय आदि प्रमुख हैं।
सिक्के एवं मुद्राएं-
- आहत सिक्के पंचमार्क सिक्के बिना लेख के प्राचीनतम सिक्के थे।
- सिक्कों पर नाम उत्कीर्ण करने की परंपरा यूनानीयों से आई। हिंदू यवनाे ने सर्वप्रथम स्वर्ण सिक्के जारी किए। सर्वाधिक स्वर्ण मुद्राएं गुप्तशासन काल में जारी किए हैं।
- समुद्रगुप्त को कुछ सिक्कों पर वीणा वादन करते हुए दिखाया गया है यज्ञ श्री सातकर्णि (सातवाहन) की मुद्रा पर जलपोत क चित्र उत्कीर्ण हैं ।
- चंद्रगुप्त विक्रमादित्य व्याघ शैली की मुद्राओं से शक विजय का विवरण मिला है



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